अल्मोड़ा बस हादसा: भिकियासैंण-विनायक मार्ग पर दर्दनाक घटना
अल्मोड़ा जिले में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। भिकियासैंण-विनायक मार्ग पर एक यात्री बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे का विवरण: बस रामनगर की ओर जा रही थी, तभी अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया। बस सड़क से नीचे गहरी खाई में लुढ़क गई।
हताहतों की संख्या: इस दुखद घटना में अब तक 7 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हैं।
बचाव कार्य: हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुँचीं। ग्रामीणों की मदद से घायलों को खाई से निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और घायलों के उचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार: वन भूमि पर अवैध कब्जे का मामला
उत्तराखंड में वन भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है।
मामला: कोर्ट ने पाया कि राज्य में लगभग 2866 एकड़ जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा है।
कोर्ट की टिप्पणी: सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि यह स्थिति सरकारी मशीनरी और कब्जाधारियों के बीच मिलीभगत का संकेत देती है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी मात्रा में वन भूमि पर कब्जा प्रशासन की नाक के नीचे कैसे हो गया।
अगला कदम: न्यायालय ने उत्तराखंड सरकार को दो सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है, जिसमें अतिक्रमण हटाने की योजना और दोषियों पर कार्रवाई का विवरण मांगा गया है।
अंकिता भंडारी मर्डर केस: सीएम धामी का रुख
2022 के चर्चित रिसॉर्ट मर्डर केस (अंकिता भंडारी मामला) को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर न्याय का भरोसा दिलाया है।
जांच का समर्थन: सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस मामले में सभी प्रकार की निष्पक्ष जांच का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पीड़ित परिवार से मुलाकात: मुख्यमंत्री ने अंकिता के पिता से मिलने और उन्हें सांत्वना देने की बात कही है। सरकार का प्रयास है कि इस संवेदनशील मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए।
हरिद्वार: घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का प्रस्ताव
धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा घाटों की मर्यादा को लेकर एक नया विवाद चर्चा में है।
योजना: हरिद्वार के 105 घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
तर्क: इस मांग के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि तीर्थ स्थलों की धार्मिक पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है। हालांकि, इस पर अभी कोई आधिकारिक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन विभिन्न हिंदू संगठनों और प्रशासन के बीच इस पर चर्चा जारी है।














