हरकी पैड़ी पर विराट हिंदू सम्मेलन: हिंदुओं से एकजुट होने का आह्वान

Listen to this article

हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हरकी पैड़ी पर ‘श्रीगंगा हिन्दू सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में संतों और संघ के पदाधिकारियों ने हिंदुओं की एकजुटता और धार्मिक स्थलों की पवित्रता पर जोर दिया।

  • एकजुटता का संदेश: महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद गिरी ने कहा कि हिंदुओं को जाति-पाति और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर संगठित होना होगा, अन्यथा भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने “बंटेंगे तो कटेंगे” की भावना के प्रति सचेत किया।
  • अहिंदू प्रवेश पर रोक: सम्मेलन में हरकी पैड़ी पर अहिंदुओं के प्रवेश निषेध के निर्णय की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि जिहादी मानसिकता वाले लोगों को पवित्र तीर्थों में प्रवेश का अधिकार नहीं होना चाहिए।
  • डेमोग्राफी में बदलाव पर चिंता: आरएसएस के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र ने उत्तराखंड में बदलती जनसांख्यिकी (Demography) पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जहां हिंदू घटा है, वहां संकट बढ़ा है। उन्होंने हरिद्वार कुंभ क्षेत्र को पूर्णतः हिंदू पवित्र स्थल घोषित करने की मांग का समर्थन किया।
  • सांस्कृतिक पुनर्जागरण: गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने स्पष्ट किया कि सिख, जैन और बौद्ध हिंदू समाज का ही हिस्सा हैं और उनका स्वागत है, लेकिन अपवित्र मंशा रखने वालों के खिलाफ सख्त कानून होना चाहिए।

निष्कर्ष: सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदुओं को अपनी शक्ति पहचानकर संगठित रहने और अपनी धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए जागरूक करना था।