उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संशोधन अध्यादेश, 2026 लागू कर दिया है। इस अध्यादेश के तहत अब पुराने कानूनों के स्थान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधान प्रभावी होंगे। मुख्य बदलावों में विवाह के समय गलत पहचान बताने पर शादी रद्द करने का प्रावधान और लिव-इन संबंधों की समाप्ति पर अनिवार्य पंजीकरण प्रमाणपत्र शामिल है। प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता के लिए ‘सचिव’ की जगह ‘अपर सचिव’ को सक्षम प्राधिकारी बनाया गया है और समय पर कार्रवाई न होने पर मामले स्वतः उच्चाधिकारियों को स्थानांतरित हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त, सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए ‘विधवा’ शब्द के स्थान पर अब ‘जीवनसाथी’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इन संशोधनों के माध्यम से कानूनी विसंगतियों को दूर कर नागरिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
2026-01-26














