
हरिद्वार: श्रवण सेवा एवं शोध संस्थान तथा हिन्दी सेवा समूह के संयुक्त तत्वावधान में भीमगोडा स्थित श्री श्याम होटल में ‘विश्व हिन्दी दिवस समारोह’ हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और सुमनलता उनियाल द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ।
मुख्य विचार और चर्चा
समारोह के दौरान ‘हिन्दी की वर्तमान वैश्विक स्थिति’ पर विचार-गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य वक्ता डॉ. एन.पी. सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने हिन्दी की वैश्विक प्रगति को संतोषजनक बताया, लेकिन सरकारी विभागों में इसके प्रचार-प्रसार की धीमी गति पर चिंता भी व्यक्त की।
- डॉ. अशोक गिरि (संयोजक): “हिन्दी केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।”
- सचिन शर्मा (विशिष्ट अतिथि): “अब हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने का समय आ गया है।”
- सुभाष मलिक (अध्यक्ष): उन्होंने हिन्दी सेवा समूह के प्रयासों को अनुकरणीय बताया।
प्रमुख सम्मान
हिन्दी के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए तीन विभूतियों को सम्मानित किया गया:
- डॉ. देवेन्द्र कुमार सिंह (वरिष्ठ साहित्यकार, वाराणसी)
- सुश्री हिमाक्षी ठाकुरिया (हिन्दी शोध छात्रा, गुवाहाटी)
- श्री सुरेन्द्र कुमार आर्यन (संरक्षक: लोक संस्कृति, देहरादून)
साहित्यिक प्रस्तुतियाँ
समारोह में कविता-पाठ का भी आयोजन हुआ जिसमें डॉ. मीरा भारद्वाज, डॉ. प्रेरणा पाण्डेय, डॉ. सुशील त्यागी, कर्मवीर सिंह, नीता नैय्यर और अरुण पाठक सहित कई कवियों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। स्वागत गीत मीनाक्षी और जीविका ने प्रस्तुत किया।

उपस्थिति: कार्यक्रम में पार्षद सुमित चौधरी, दीनदयाल दीक्षित, डॉ. विजय त्यागी, डॉ. मेनका त्रिपाठी, पंकज गिरि, एडवोकेट कुणाल गिरि और डॉ. नरेश मोहन , लखन लाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।












