मुख्यमंत्री धामी का हरिद्वार में हुंकार: “उत्तराखंड में सनातन की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य हमारी प्राथमिकता”

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  • संत सम्मेलन : सीएम धामी ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी को बताया राष्ट्र चेतना का प्रतीक; गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम मैदान में आयोजित भव्य ‘संत सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज को राष्ट्र चेतना का पुंज बताते हुए कहा कि उनका जीवन आध्यात्मिक ज्ञान और सामाजिक सेवा का अद्भुत संगम था। मुख्यमंत्री ने भारत माता मंदिर की स्थापना और उनके द्वारा सनातन संस्कृति के संरक्षण हेतु किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनकी मूर्ति की स्थापना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

​अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों और कड़े निर्णयों पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर सभी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त दंगारोधी कानून के साथ-साथ ‘लैंड जिहाद’ व अन्य असामाजिक मानसिकताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। युवाओं के हित में बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने से आज 28 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिली हैं।

​सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और देश की आध्यात्मिक एकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव, आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी और अखाड़ों के प्रमुख संतों सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भारत को विश्व गुरु बनाने और सनातन परंपराओं को अक्षुण्ण रखने का संकल्प दोहराया।