देहरादून में आयोजित एक ‘सड़क विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण’ कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने सड़क हादसों पर गहरी चिंता व्यक्त की। समाचार के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- जुर्माने में वृद्धि: मंत्री ने स्पष्ट किया कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चालान की राशि बढ़ाने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन और साइकिलिंग को बढ़ावा देना आवश्यक है।
- मानवीय चूक मुख्य कारण: आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में होने वाले 80 प्रतिशत सड़क हादसे ड्राइवरों की लापरवाही के कारण होते हैं। अन्य कारणों में ओवरस्पीडिंग, वाहनों की यांत्रिक खराबी, सड़कों की खराब स्थिति और दैवीय आपदाएं शामिल हैं।
- वाहनों की संख्या में भारी उछाल: राज्य गठन के समय उत्तराखंड में केवल 4 लाख वाहन पंजीकृत थे, जो वर्ष 2025 तक बढ़कर 39 लाख पहुंच गए हैं।
- वैज्ञानिक समाधान: परिवहन विभाग अब सड़क हादसों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर रहा है। जेपीआरआई (JPRI) को इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई है, जिसने अब तक 120 दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण किया है।
- सामूहिक जिम्मेदारी: कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर और डीएम सविन बंसल ने भी शिरकत की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की नहीं, बल्कि सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है और अभिभावकों को भी इसके प्रति सजग रहना होगा।












