
मेलाधिकारी का संकल्प: स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित कुम्भ मेला-2027 के लिए मेला प्रशासन ने कसी कमर
हरिद्वार, 11 फरवरी 2026: आगामी कुम्भ मेला 2027 को सुरक्षित, सुगम और स्वच्छ बनाने के लिए मेला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बताया कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप मेले को भव्य रूप देने के लिए ₹1224 करोड़ का कुल बजट प्रस्तावित किया गया है।
प्रमुख विकास कार्य और बजट:
- स्वीकृत कार्य: शासन द्वारा अब तक ₹219 करोड़ की लागत वाले 35 स्थायी कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है।
- प्रगति: लगभग दो दर्जन योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, जबकि शेष कार्यों को जल्द धरातल पर उतारने की तैयारी है।
- अवसंरचना: प्रथम चरण में सड़कों, पुलों और घाटों के निर्माण व सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
तकनीक और गुणवत्ता पर जोर:
मेला प्रशासन इस बार पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है:
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: सभी कार्यस्थलों पर CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि कार्यों की सीधी निगरानी हो सके।
- थर्ड पार्टी निरीक्षण: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए IIT रुड़की सहित तीन प्रमुख संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- डिजिटल कुम्भ: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना की जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के विशेष इंतजाम:
- कुम्भ क्षेत्र को पैदल यात्रियों के अनुकूल (Pedestrian friendly) बनाया जाएगा।
- शहर के बाहरी हिस्सों में पार्किंग और वहां से आंतरिक क्षेत्रों के लिए शटल सेवा का संचालन होगा।
- बुजुर्गों और स्थानीय निवासियों के लिए स्नान पर्वों पर विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
- भीड़भाड़ कम करने के लिए संकरे मार्गों और चौराहों का चौड़ीकरण किया जा रहा है।
मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य श्रद्धालुओं को एक सुखद और दिव्य अनुभव प्रदान करना है, जिसके लिए अखाड़ों और धर्मगुरुओं के सुझावों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी और महामंत्री दीपक मिश्रा सहित प्रेस क्लब के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।













