हरिद्वार। ग्राम मिस्सरपुर में छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति में एक ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदुओं से जातिगत भेदभाव त्याग कर ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ संगठित होने की अपील की।
- पंच परिवर्तन पर जोर: संघ के सह विभाग प्रमुख संजय ने समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए पाँच स्तंभों—समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य—पर विस्तार से प्रकाश डाला।
- आत्मनिर्भरता और संस्कार: कार्यक्रम में बच्चों को संस्कारवान बनाने और स्वरोजगार की दिशा में दक्ष होने की आवश्यकता बताई गई, ताकि अन्य पर निर्भरता कम हो सके।
- सामाजिक एकजुटता: स्वामी अनंतानंद महाराज और अन्य अतिथियों ने हिंदुओं को एक मंच और एक विचार पर आने का आह्वान किया। साथ ही, आगामी पीढ़ी को मानसिक रूप से मजबूत करने और अपनी संस्कृति के संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
- उपस्थिति: डॉ. प्रदीप चौधरी के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में हिंदू समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे।













