सुनील सेठी बने राष्ट्रीय पंजाबी महासभा के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष; पंजाबी भाषा को दूसरी राजभाषा बनाने की उठी माँग

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हरिद्वार, 22 फरवरी। राष्ट्रीय पंजाबी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हरियाणा के पूर्व राज्य सूचना आयुक्त अशोक मेहता ने हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित एक भव्य समारोह में समाजसेवी सुनील सेठी को महासभा का उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। महंत ऋषिवरानंद महाराज की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

प्रमुख माँगें और घोषणाएँ:

  • सरकार से अपील: अशोक मेहता ने उत्तराखंड सरकार से पंजाबी भाषा को राज्य की दूसरी आधिकारिक भाषा घोषित करने, विभाजन के शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक बनाने और उत्तराखंड पंजाबी वेलफेयर बोर्ड की स्थापना करने की पुरजोर माँग की।
  • सेवा का संकल्प: नवनियुक्त अध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा कि संगठन ‘सरबत दा भला’ के सिद्धांत पर चलते हुए केवल पंजाबी समाज ही नहीं, बल्कि हर वर्ग के जरूरतमंदों की सेवा करेगा। उन्होंने जल्द ही प्रदेश के हर जिले और बूथ स्तर तक संगठन की शाखाएं विस्तार करने का लक्ष्य रखा है।
  • आदर्श और सिद्धांत: कार्यक्रम में महापुरुषों के ‘सत्कार अते सेवा’ के मूलमंत्र पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने युवा पीढ़ी से अपनी समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से जुड़े रहने का आह्वान किया।

गरिमापूर्ण उपस्थिति:

​इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव अवतार सिंह चुघ, ललित अरोड़ा, सुरेश आनंद, राकेश भल्ला सहित हरिद्वार के सैकड़ों प्रतिष्ठित पंजाबी परिवारों के प्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे।