हरिद्वार में २० वर्ष पुराना अवैध कब्जा हटा, कुमाऊं में ड्रेनेज के लिए २०४३ करोड़ की योजना और नैनीताल में होटल पर जुर्माना

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हरिद्वार: भेल नगर प्रशासक की सख्ती, 20 वर्ष पुराना अवैध कब्जा कराया मुक्त

हरिद्वार। भेल (BHEL) स्थित सेक्टर-1 मार्केट के कॉमन एरिया पर पिछले 20 वर्षों से चला आ रहा अवैध कब्जा आखिरकार हट गया है। नगर प्रशासक संजय पंवार ने सख्त रुख अपनाते हुए इस बेशकीमती जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया है।

​RTI के बाद जागा संपदा विभाग

​यह पूरा मामला एक आरटीआई (सूचना के अधिकार) कार्यकर्ता सुब्रत पटेल की पहल के बाद सामने आया। उन्होंने सेक्टर-1 मार्केट भवन की सीढ़ियों के नीचे खाली पड़े स्थान के संबंध में जानकारी मांगी थी। शुरुआत में संपदा विभाग ने गलत जानकारी देते हुए वहां किसी का भी कब्जा होने से इनकार कर दिया था। संतुष्ट न होने पर जब आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रथम अपील की, तो उच्च अधिकारियों ने संपदा विभाग को सही जानकारी देने के कड़े आदेश दिए। इसके बाद आनन-फानन में विभाग ने बलपूर्वक उक्त स्थान को खाली कराया।

​दुस्साहस: 4 घंटे में फिर किया कब्जा, प्रशासन ने निकाला दरवाजा

​कब्जाधारी बाहरी व्यक्ति की हठधर्मिता का आलम यह था कि खाली कराए जाने के महज 4 घंटे के भीतर उसने दोबारा वहां कब्जा करने की हिमाकत कर दी। इसकी सूचना मिलते ही नगर प्रशासक संजय पंवार ने कड़ी नाराजगी जताई और अधीनस्थों को आदेश देकर उक्त संपत्ति से दरवाजा ही उखाड़ फेंका, ताकि दोबारा कब्जा न हो सके। साथ ही चेतावनी दी कि यदि फिर से ऐसा प्रयास किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरटीआई से यह भी खुलासा हुआ है कि उक्त अवैध कब्जाधारी के नाम भेल संपदा विभाग से मार्केट में कोई दुकान आवंटित ही नहीं है।

​उप-किराएदारी पर भी उठे सवाल

​सूचना के अधिकार में संपदा विभाग की एक और लापरवाही सामने आई है। दुकान नंबर 16 (जो सब्जी के लिए आवंटित थी, लेकिन वहां कुछ अन्य सामान रखा मिला) के विषय में विभाग ने जानकारी होने से मना कर दिया कि वह उप-किराएदारी (Sub-letting) पर है या नहीं। चर्चा है कि यह दुकान भी इसी अवैध कब्जाधारी के चंगुल में है, जिसकी जानकारी विभाग के लगभग सभी अधिकारियों को होने के बावजूद आरटीआई में गलत तथ्य दिए जा रहे हैं।

हल्द्वानी: कुमाऊं के शहरों को जलभराव से मिलेगी मुक्ति, ₹2043 करोड़ की भारी-भरकम योजना को मंजूरी

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर कुमाऊं मण्डल के शहरों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के लिए एक बड़ी और महत्वाकांक्षी पहल की गई है। मण्डल के 14 शहरों को चिन्हित कर सिंचाई व अन्य विभागों के समन्वय से तैयार 2043 करोड़ रुपये के ड्रेनेज प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

​शुक्रवार को देहरादून सचिवालय में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने इन प्रस्तावों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में कुमाऊं आयुक्त व मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जुड़कर तैयार किए गए मास्टर प्लान और ड्रेनेज प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी साझा की।

​पहले चरण में शामिल होंगे 10 शहर

​बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रथम चरण में जलभराव से सर्वाधिक प्रभावित 10 शहरों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। इन शहरों में शामिल हैं:

  • ​टनकपुर, बनबसा, खटीमा, रुद्रपुर, काशीपुर, गदरपुर, सितारगंज, हल्द्वानी और मालधनचौड़।

​समयबद्ध तरीके से पूरा होगा मास्टर प्लान

​प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने निर्देश दिए कि पहले चरण के इन शहरों में भी जो इलाके सबसे ज्यादा जलभराव की चपेट में आते हैं, वहां काम तुरंत शुरू किया जाए। प्रथम चरण का काम पूरा होने के बाद शेष बचे 4 शहरों को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। उन्होंने सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ समयबद्ध ढंग से मास्टर प्लान लागू करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम जनता को जल्द से जल्द जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।

नैनीताल: होटल की टंकियों से पानी का ओवरफ्लो और गंदगी पड़ने पर डीएम सख्त, लगा ₹16000 का जुर्माना

नैनीताल। जिला मुख्यालय के मल्लीताल क्षेत्र में होटलों द्वारा पानी की बर्बादी और गंदगी फैलाने के मामले में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कड़ी कार्रवाई की है। एक स्थानीय महिला व परिवारों की शिकायत का त्वरित संज्ञान लेते हुए डीएम ने अधिकारियों की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा, जिसने शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित होटल का चालान कर पानी का कनेक्शन काट दिया।

​टंडन और डंडरियाल परिवार ने की थी शिकायत

​मल्लीताल क्षेत्र के टंडन और डंडरियाल परिवारों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि क्षेत्र में स्थित ‘ब्रॉडवे होटल’ की छतों पर रखी टंकियों से लगातार पानी ओवरफ्लो होकर बहता रहता है। इस वजह से उनके घरों की दीवारों में सीलन बढ़ रही है और मकानों को खतरा पैदा हो गया है। इसके साथ ही शिकायत में ‘ब्रॉडवे होटल’ और ‘नीलम राज होटल’ द्वारा रास्ते में गंदगी फैलाए जाने का भी आरोप लगाया गया था।

​संयुक्त टीम की छापेमारी, मौके पर ही कटी पानी की लाइन

​मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग, जल संस्थान, पर्यटन विभाग और नगर पालिका परिषद नैनीताल की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार को मौके पर जाकर औचक निरीक्षण किया। जांच में शिकायत हुबहू सच पाई गई। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने निम्नलिखित जुर्माने लगाए:

  • जल संस्थान: पानी के दुरुपयोग पर ₹5000 का चालान किया और मौके पर ही होटल का जल संयोजन (पानी का कनेक्शन) काट दिया।
  • पर्यटन विभाग: नियमों के उल्लंघन पर ₹10,000 का अर्थदंड लगाया।
  • नगर पालिका: रास्ते में गंदगी फैलाने पर ₹1000 का चालान काटा।

​इस प्रकार होटल पर कुल 16,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। संयुक्त निरीक्षण के दौरान तहसीलदार नैनीताल अक्षय भट्ट, जल संस्थान के सहायक अभियंता, नगर पालिका के सफाई निरीक्षक और पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।