ग्राम प्रधान और परिवार पर हमला, घर में तोड़फोड़, दो गिरफ्तार

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हरिद्वार: पुरानी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान और उनके परिवार पर हमला करने तथा प्रधान को बाइक से बांधकर घसीटने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना में लगभग 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
कलियर थाना क्षेत्र के कोटा मुरादनगर के ग्राम प्रधान मुज्जामिल अली ने पुलिस को सूचना दी थी कि गांव के ही पूर्व प्रधान के पति, जिनके दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर उनका चुनाव निरस्त कर दिया गया था, और अन्य लोगों ने रंजिश के चलते 15 अप्रैल की रात को उन पर जानलेवा हमला किया। लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से किए गए इस हमले में मुज्जामिल अली गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में चोट आई और हाथ, पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।
हमले के दौरान ग्राम प्रधान सड़क पर गिर गए, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें बाइक से बांधकर काफी दूर तक घसीटा, जिससे उनके कपड़े भी फट गए।
मुज्जामिल अली ने पुलिस को बताया कि जब वह अपनी जान बचाकर घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि शकील आदि कई हमलावरों ने उनके घर पर भी धावा बोल दिया था। उन्होंने उनके भाई रियाजुल और आजम अली, बेटे दाउद हसन, और भतीजों इजारूल और साकिब पर भी जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उनके घर में तोड़फोड़ भी की और उनकी बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए रुड़की के सरकारी अस्पताल भेजा। इलाज के बाद दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने हसीब सहित लगभग 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया और तुरंत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों, मोमिन (27 वर्ष, पुत्र मुजम्मिल) और उस्मान (45 वर्ष, पुत्र इलियास), निवासी ग्राम कोटा मुरादनगर, थाना पिरान कलियर, जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया।
यह थी रंजिश की मुख्य वजह:
वर्ष 2022 में विपक्षी पक्ष की शाहजहां, जो फरमान की पत्नी हैं, ने फर्जी दस्तावेज जमा कर प्रधान का चुनाव लड़ा था। हरिद्वार के जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में दस्तावेजों के फर्जी पाए जाने पर तत्कालीन ग्राम प्रधान को पद से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद हुए पुनः चुनाव में मुज्जामिल अली ने लगभग 370 वोटों से जीत हासिल की थी। फर्जी दस्तावेजों की शिकायत करने के कारण ही आरोपियों ने मुज्जामिल अली से रंजिश रखनी शुरू कर दी थी।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।