एचआरडीए उपाध्यक्ष और आईएएस अधिकारी सोनिका के नेतृत्व में, हरिद्वार-रुड़की मास्टर प्लान 2041 के संबंध में जनता की आपत्तियों और सुझावों को सुनने के लिए गुरुवार को भल्ला कॉलेज, हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य उद्देश्य और भागीदारी
इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित मास्टर प्लान पर नागरिकों, व्यापारी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों की राय लेना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। अब तक, एचआरडीए को इस मास्टर प्लान के संबंध में लगभग 250 आपत्तियाँ और सुझाव प्राप्त हुए हैं।
उपस्थित अधिकारीगण
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम आयुक्त नंदन कुमार, एचआरडीए सचिव मनीष सिंह, और संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, ताकि जनता द्वारा उठाए गए मुद्दों का तत्काल संज्ञान लिया जा सके।
उपाध्यक्ष का आश्वासन और निर्देश
एचआरडीए उपाध्यक्ष सोनिका ने जनता को आश्वस्त किया कि प्राप्त हुई प्रत्येक आपत्ति और सुझाव का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मास्टर प्लान को अंतिम रूप देते समय जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेष रूप से, उन्होंने कॉरिडोर निर्माण (सड़क चौड़ीकरण, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय संतुलन) से संबंधित आपत्तियों पर गहन समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय न हो। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को जनसुनवाई में आए सभी बिंदुओं को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया, जिससे मास्टर प्लान को न्यायसंगत और संतुलित तरीके से अंतिम रूप दिया जा सके।













