उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान: मिश्री मठ, हरिद्वार में रजत जयंती उत्सव

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आन्दोलनकारियों के संघर्ष व बलिदान से हुई उत्तराखण्ड की स्थापना : करौली शंकर महादेव

प्रदेश निर्माण में मातृशक्ति की रही महत्वपूर्ण भूमिका : स्वामी हरिचेतनानन्द

हरिद्वार, 06 नवम्बर, 2025

​उत्तराखण्ड की रजत जयंती के अवसर पर हरिद्वार की पुण्यभूमि स्थित मिश्री मठ में आयोजित पंचदिवसीय पूर्णिमा महोत्सव के तीसरे दिन भक्तों व साधकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। रायवाला स्थित मिश्री मठ में 4 से 8 नवम्बर 2025 तक चल रहे इस पंच दिवसीय पूर्णिमा एवं देवभूमि रजत उत्सव के तृतीय दिवस पर एक विशेष संत समागम का आयोजन हुआ।

​इस अवसर पर पूज्य संतजनों की पावन उपस्थिति में सैकड़ों उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। सदगुरुदेव श्री करौली शंकर जी महाराज ने देहरादून, ऋषिकेश, रायवाला, हरिपुर और हरिद्वार के उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों को अंग वस्त्र और उपहार भेंट कर सम्मानित किया।

प्रमुख संतों के विचार:

  • सदगुरुदेव करौली शंकर जी महाराज ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, और इसके निर्माण में सैंकड़ों आंदोलनकारियों ने अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन अमर शहीद हुतात्माओं को नमन करें और उन आंदोलनकारियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करें, जिनके अदम्य साहस व संघर्ष से यह राज्य संभव हुआ। उन्होंने कहा कि भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जन भावनाओं को समझते हुए उत्तराखण्ड का गठन किया।
  • म.मं. स्वामी हरिचेतनानन्द जी महाराज ने राज्य निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और सम्मान समारोह में महिला आंदोलनकारियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति पर गर्व व्यक्त किया।
  • अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्र पुरी जी महाराज ने करौली शंकर महादेव की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हरिद्वार में आंदोलनकारियों को सम्मानित कर उन्होंने समूचे उत्तराखण्ड को यह संदेश दिया है कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान सर्वोपरि है।

​इस भावपूर्ण कार्यक्रम में उपस्थित संतजनों ने आंदोलनकारियों को आशीर्वाद, शुभकामनाएं देते हुए शॉल, माला, अंग वस्त्र और उपहार प्रदान किए तथा उत्तराखंड आंदोलन में शहीद हुए बलिदानियों को नमन किया। हरिद्वार से योगेश पांडे, सतीश जोशी, आशु बर्थवाल सहित रायवाला, ऋषिकेश, छिदर वाला, हरिपुर आदि क्षेत्रों से आए सैकड़ों आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया।