हरिद्वार नगर निगम भूमि घोटाला: CM धामी का बड़ा एक्शन, पूर्व नगर आयुक्त बर्खास्त, DM पर गिरेगी गाज; 10 पर मुकदमा दर्ज

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देहरादून/हरिद्वार।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद घोटाले में राज्य सतर्कता समिति की सिफारिश पर मुख्यमंत्री ने ६ अधिकारियों-कर्मचारियों और ४ भूमि विक्रेताओं सहित कुल १० लोगों के खिलाफ मुकदमा (अभियोग) दर्ज करने की मंजूरी दे दी है।

​विजिलेंस की विस्तृत जांच में सामने आया है कि नगर निगम को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए एक सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के जरिए जमीन की खरीद-बिक्री की गई थी। इन सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

​इन अधिकारियों और कर्मचारियों पर दर्ज होगा मुकदमा

​घोटाले में शामिल जिन तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसा गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • वरुण चौधरी (तत्कालीन नगर आयुक्त)
  • रविन्द्र कुमार दयाल (तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त)
  • लक्ष्मीकान्त भट्ट (तत्कालीन कर अधीक्षक)
  • आनन्द सिंह मिश्राण (तत्कालीन सहायक अभियन्ता एवं प्रभारी अधिशासी अभियन्ता)
  • वेदपाल (तत्कालीन सम्पत्ति लिपिक)
  • दिनेश काण्डपाल (तत्कालीन मानचित्रकार)

भूमि विक्रेता और अन्य आरोपी: सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव और सुजीत कुमार सिंह।

​पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी और DM पर मेजर पनिशमेंट की संस्तुति

​मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए भ्रष्टाचार के दोषियों पर सीधे प्रहार किया है:

  1. वरुण चौधरी (तत्कालीन नगर आयुक्त): इन्हें सेवा से बर्खास्त करने की संस्तुति की गई है।
  2. कर्मेंद्र सिंह (तत्कालीन जिलाधिकारी, हरिद्वार): दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने के लिए इनके खिलाफ दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) की कार्रवाई की संस्तुति की गई है। ​नोट: इन दोनों आईएएस/वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
  3. अजयवीर सिंह (तत्कालीन एसडीएम): इनके खिलाफ परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने के साथ ही इनकी तीन वेतनवृद्धियां (Increments) रोकने के निर्देश दिए गए हैं।