हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कुछ समय से जगजीतपुर, लक्सर और रानीपुर जैसे इलाकों में दहशत का पर्याय बने जंगली हाथियों ने अब उत्तरी हरिद्वार के रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी धमक दे दी है। बीती रात एक विशालकाय हाथी ने उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में घुसकर भारी उत्पात मचाया, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई।
पेट्रोल पंप कर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा
ताजा घटना बीती रात लगभग 11:00 बजे की है, जब एक जंगली हाथी के.एन. फिलिंग पेट्रोल पंप के परिसर में जा घुसा। उस समय पंप पर मैनेजर संजीत दादा, कर्मचारी सौरभ, शिवम शर्मा, अमित और सुरक्षा गार्ड ड्यूटी पर तैनात थे।

हाथी को अचानक सामने देख कर्मचारियों के होश उड़ गए। हाथी ने पंप कर्मियों को दौड़ाना शुरू कर दिया, जिससे वहां भगदड़ मच गई। कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से इधर-उधर भागकर और पंप के कमरों में छिपकर अपनी जान बचाई। गनीमत यह रही कि हाथी ने किसी को अपनी चपेट में नहीं लिया, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी।
मोतीचूर की ओर से शहर में दाखिल हुआ गजराज
सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाम करीब 7:00 बजे एक हाथी को मोतीचूर रेलवे स्टेशन के उत्तरी भाग में टहलते हुए देखा गया था। कयास लगाए जा रहे हैं कि यही हाथी जंगलों से निकलकर आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ा और भूपतवाला तक जा पहुँचा। हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलते ही पूरे भूपतवाला क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।
खौफ के साये में स्थानीय निवासी
हाथियों के लगातार शहर की ओर रुख करने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि:
- जगजीतपुर और रानीपुर के बाद अब उत्तरी हरिद्वार में हाथियों का आना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक है।
- रात के समय सड़कों पर चलना दूभर हो गया है।
- वन विभाग को जल्द ही गश्त बढ़ाने और हाथियों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम (जैसे सोलर फेंसिंग या दीवार) करने की जरूरत है।














