स्वामी कैलाशानंद गिरी ने सुनाया सीता हरण व लंका दहन का प्रसंग, दिया सामाजिक समरसता का संदेश

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​हरिद्वार। श्रीदक्षिण काली मंदिर में आयोजित राम कथा के आठवें दिन निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं को माता सीता हरण और लंका दहन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि राम कथा मर्यादा, धर्म, कर्तव्य, भक्ति और त्याग का संदेश देती है। भगवान राम द्वारा माता शबरी के झूठे बेर खाना सामाजिक समरसता को दर्शाता है, जबकि जटायु का बलिदान धर्म के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने की प्रेरणा देता है। लंका दहन का प्रसंग सिखाता है कि अहंकारी का विनाश निश्चित है। स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि कथा का समापन 14 जून को होगा।