देहरादून/हरिद्वार, 5 अगस्त। उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय रहने से अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर वर्षा का क्रम जारी है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन तथा मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन इकाइयों को पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। नागरिकों एवं यात्रियों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
राजधानी देहरादून में वर्षा के कारण जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। लाखों शिवभक्तों के सुरक्षित आवागमन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन, नगर निगम और अन्य विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था, चिकित्सा शिविर, पेयजल, स्वच्छता तथा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जा रहा है।
नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जिलों में वर्षा के कारण संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। चारधाम यात्रा मार्गों पर तैनात टीमें लगातार स्थिति का आकलन कर रही हैं। यात्रियों से मौसम की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर ही यात्रा करने का अनुरोध किया गया है।
ऊधम सिंह नगर में वर्षा से खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती को लाभ मिलने की संभावना है। वहीं निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पर प्रशासन सतत निगरानी बनाए हुए है।
अल्मोड़ा में वर्षा से कृषि कार्यों को गति मिली है तथा पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण अभियान जारी हैं। बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी वर्षा एवं भूस्खलन की आशंका के मद्देनज़र राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रखा गया है। सीमांत क्षेत्रों में सड़क संपर्क बनाए रखने के लिए संबंधित विभाग लगातार कार्य कर रहे हैं।
चंपावत जिले में टनकपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन पर वर्षा का प्रभाव देखा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के समीप न जाने तथा मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने का आग्रह किया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा, कांवड़ मेला और मानसूनी परिस्थितियों को देखते हुए सभी जिलों में राहत एवं बचाव संसाधनों को सक्रिय रखा गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। जनसुरक्षा और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
2026-08-05













