उत्तराखंड बुलेटिन: हरिद्वार में उमड़ा 1 करोड़ शिवभक्तों का जनसैलाब; सेना के गोताखोर व 32 स्वास्थ्य शिविर तैनात, दक्षेश्वर में DM ने किया जलाभिषेक और शिवालिक यूनिवर्सिटी में FDP शुरू

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कांवड़ मेले के 5वें दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, अब तक 1 करोड़ से अधिक शिवभक्त रवाना

हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 के पांचवें दिन धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का विशाल जनसैलाब देखने को मिला। मेला पुलिस कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को कुल 32 लाख 25 हजार शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

​कांवड़ यात्रा की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 1 करोड़ 9 लाख 10 हजार श्रद्धालु गंगाजल लेकर विभिन्न राज्यों के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं। संवेदनशील स्थानों, कांवड़ मार्गों और प्रमुख स्नान घाटों पर सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से निर्धारित कांवड़ मार्गों का पालन करने और स्वच्छ व सुरक्षित यात्रा में सहयोग देने की अपील की है।

शिवालिक यूनिवर्सिटी में एआई और आधुनिक रिसर्च पर 5 दिवसीय फैकल्टी डेवलेपमैंत प्रोग्राम शुरू

देहरादून। शिवालिक यूनिवर्सिटी, देहरादून में एआई, आउटकम बेस्ड एजुकेशन तथा रिसर्च विषय पर आधारित 5 दिवसीय फैकल्टी डेवलेपमैंट प्रोग्राम का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन यूनिवर्सिटी के वाईस चेयरमैन अजय कुमार, निदेशक प्रो. डॉ. टी.एस. सिद्धू, डीन एकेडमिक डॉ. सुरमधुर पंत, मुख्य वक्ता डॉ. नवीन उपाध्याय, परीक्षा नियंत्रक प्रो. डॉ. उमेश चंद्र गुप्ता, डीन रिसर्च प्रो. डॉ. संतोष कुमार जोशी एवं फार्मेसी प्राचार्य प्रो. डॉ. स्यानतन मुखोपाध्याय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

​यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रो. डॉ. टी.एस. सिद्धू ने शिक्षण में एआई और जनरेटिव एआई के उपयोग पर बल दिया। मुख्य वक्ता डॉ. नवीन उपाध्याय ने एआई टूल्स के नैतिक उपयोग और आधुनिक रिसर्च पब्लिकेशन तकनीकों पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। वहीं, डीन एकेडमिक डॉ. सुरमधुर पंत और प्रो. डॉ. सौरभ साहू ने मशीन लर्निंग और क्लासरूम को इंटरैक्टिव बनाने वाले एआई टूल्स के व्यावहारिक प्रयोग पर प्रकाश डाला।

कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए गंगा घाटों पर तैनात हुए B.E.G. रुड़की के सेना गोताखोर

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा के तेज बहाव से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर बी.ई.जी. (B.E.G.) रुड़की के सेना के प्रशिक्षित गोताखोरों की दो टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है।

​आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत के समन्वय से एक टीम हरिद्वार के हाथी पुल क्षेत्र तथा दूसरी टीम रुड़की के सोलानी पार्क के पास तैनात की गई है। सूबेदार कुलविंदर सिंह के नेतृत्व में यह राहत दल कांवड़ कंट्रोल रूम के सीधे संपर्क में है। त्वरित कार्रवाई और अनुशासित सेवा के जरिए सेना के यह जवान अब तक कई श्रद्धालुओं की जान बचा चुके हैं। अधिकारियों ने सेना के जवानों की सतर्कता और निस्वार्थ सेवा की सराहना की है।

सावन के पहले सोमवार पर शिवमय हुई धर्मनगरी; DM मयूर दीक्षित ने दक्षेश्वर महादेव में किया जलाभिषेक

हरिद्वार। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को हरिद्वार पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। पौराणिक दक्षेश्वर महादेव, बिल्केश्वर महादेव, नीलेश्वर, गौरी-शंकर, तिलभांडेश्वर और पारदेश्वर महादेव मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं।

​व्यवस्थाओं का जायजा लेने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के सुचारु व पंक्तिबद्ध दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और बैरिकेडिंग की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने परिवार सहित भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और श्रद्धालुओं के बीच फल व पेयजल का वितरण किया।

कांवड़ यात्रा में स्वास्थ्य विभाग के 32 शिविर सक्रिय, 4 मेडिकल मोबाइल यूनिट भी सेवा में तैनात

हरिद्वार। कांवड़ पटरी मार्ग सहित कुल 32 प्रमुख स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का संचालन किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान अब तक 47,952 शिवभक्तों का निःशुल्क इलाज किया जा चुका है, जिसमें केवल चौथे दिन 13,876 कांवड़ियों को चिकित्सीय परामर्श व दवाएं दी गईं।

​इस वर्ष यात्रा में पहली बार 4 ‘मेडिकल मोबाइल यूनिट’ शामिल की गई हैं, जो आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचा रही हैं। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं। सीएमओ ने कांवड़ यात्रियों से यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, समय-समय पर विश्राम करने और अस्वस्थ महसूस होने पर तुरंत नजदीकी शिविर से परामर्श लेने की अपील की है।