देहरादून: उत्तराखंड को सबसे ज़्यादा प्रभावित करने वाली आपदाओं जैसे वनाग्नि, ग्लेशियर झील के टूटने और भूस्खलन को अब राष्ट्रीय आपदा राहत के मानक में जगह मिल सकती है। 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने राज्य सरकार से इस संबंध में एक विस्तृत नोट उपलब्ध कराने को कहा है। इसके साथ ही, आयोग ने उत्तराखंड के राजस्व घाटा अनुदान (RDG) के बजाय राजस्व आवश्यकता अनुदान (RNG) के प्रस्ताव की सराहना करते हुए उस पर भी विस्तृत नोट देने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में वित्त आयोग के साथ हुई बैठक के दौरान राज्य के अधिकारियों ने आपदा राहत मानक का मुद्दा उठाया था।
राज्य के वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने बताया, “आयोग ने कुछ प्रमुख बिंदुओं पर राज्य से और अधिक जानकारी की अपेक्षा की है। उन्हें जल्द ही आयोग को उपलब्ध करा दिया जाएगा।”
राज्य ने राजस्व घाटा अनुदान के मुद्दे को भी ज़ोर-शोर से उठाया। इसके अलावा, पलायन के कारण खाली हो रहे गाँवों के मुद्दे पर भी आयोग ने राज्य से अधिक विस्तार से जानकारी देने को कहा है।
2025-05-20













