गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय द्वारा “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की कामना तथा वातावरणीय संतुलन के उद्देश्य से सप्ताह के प्रत्येक शनिवार को शहर के प्रमुख स्थलों पर यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस साप्ताहिक यज्ञ का प्रथम आयोजन विश्वविद्यालय के दयानन्द द्वार के समीप संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने वैदिक सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार और बाह्य व आंतरिक वातावरण की शुद्धता पर जोर दिया। कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने समाज में घटते वैदिक मूल्यों के पुनरुद्धार के लिए नित्य यज्ञ का संकल्प लेने की अपील की। इस पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं का संयोजन वेद विभाग के डा. दीनदयाल तथा सह-संयोजक डा. अजय मलिक को सौंपा गया है। यज्ञ डा. दीनदयाल के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें प्रो. नवनीत, प्रो. विपुल शर्मा, प्रो. मयंक अग्रवाल, डा. बबलू आर्य, डा. हरेन्द्र कुमार, डा. राजीव शर्मा, डा. संदीप, डा. धर्मेन्द्र बालियान, डा. चिरंजीव बनर्जी, डा. भारत वेदालंकार, डा. मदन लाल जाट, कुलदीप, वीरेन्द्र पटवाल, किशन कुमार, ईसम सिंह सैनी, चमेल सिंह, डा. सत्यपति, राजकुमार, राजवीर, प्रकाश तिवारी, नन्दकिशोर और डा. संजील सहित अनेक शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद के सभी विकास खंडों में व्यापक स्तर पर जन-कल्याण शिविरों का आयोजन किया गया। बहादराबाद विकास खंड में ब्लॉक प्रमुख श्रीमती आशा नेगी एवं खंड विकास अधिकारी मानस मित्तल ने ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी। यहां कुल 368 व्यक्तियों ने प्रतिभाग किया और 20 बालिकाओं को किशोरी किट तथा 02 गर्भवती महिलाओं को पोषण टोकरी प्रदान की गई। लक्सर विकास खंड में उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला की अध्यक्षता, पूर्व विधायक संजय गुप्ता एवं ग्राम प्रमुख डॉ. हर्ष कुमार दौलत की उपस्थिति में सीएलएफ समूह की 05 महिलाओं को फूड वैन हेतु 6 लाख रुपये तथा 05 महिला स्वयं सहायता समूहों को 5-5 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए। खानपुर विकास खंड में आयोजित शिविर में 233 व्यक्तियों ने प्रतिभाग किया और 28 लाभार्थियों को मौके पर लाभान्वित किया गया। रुड़की विकास खंड में ब्लॉक प्रमुख श्रीमती लुबना राव की अध्यक्षता में गरीब परिवारों की 05 बालिकाओं को विवाह सहायता के रूप में 50-50 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए। नारसन विकास खंड में 340 व्यक्तियों ने प्रतिभाग किया और लगभग 190 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ व जानकारी दी गई। भगवानपुर विकास खंड में खंड विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार जोशी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 03 लाभार्थियों को आवास की चाबियां और 05 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की गई।

सोमवती अमावस्या स्नान से ठीक पहले हरिद्वार पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत विशेष अभियान चलाकर धर्म की आड़ में ठगी करने वाले 21 फर्जी बाबाओं को हिरासत में लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में यह चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया गया। ये आरोपी साधु-संतों का वेश धारण कर महिलाओं और युवाओं को घरेलू, पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान का झूठा प्रलोभन देकर ठग रहे थे। पकड़े गए सभी ढोंगी बाबाओं के खिलाफ धारा 172(2) के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। इन आरोपियों में बिहार, यूपी, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश के लोग शामिल हैं, जिनकी उम्र 25 साल से लेकर 78 साल तक है। पकड़े गए आरोपियों में कालनेमि, विभीषण (बिहार), राम बाबू (आगरा), बच्चू सिंह (हरियाणा), राम जन्म यादव (गया, उम्र 78 वर्ष) और अजब सिंह (शामली, उम्र 66 वर्ष) आदि शामिल हैं।

वीकेंड और सोमवती अमावस्या स्नान पर्व (13, 14 एवं 15 जून) को देखते हुए हरिद्वार पुलिस ने यातायात प्लान जारी किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के अनुसार, 13 जून सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक और 14 जून सुबह 6 बजे से 15 जून को स्नान समाप्ति तक शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। दिल्ली-मेरठ की ओर से आने वाले वाहन अलकनंदा, दीनदयाल, पंतदीप और चमकादड़ टापू में पार्क होंगे, जबकि दबाव बढ़ने पर बैरागी कैंप पार्किंग का इस्तेमाल किया जाएगा। 14 जून रात 8 बजे से सभी बसें और ट्रैक्टर चमकादड़ टापू में पार्क होंगे। 15 जून तड़के 3 बजे से दिल्ली-मेरठ वाले बड़े वाहन नगलाइमरती से लक्सर-गाजीपुर होते हुए बैरागी पार्किंग जाएंगे। देहरादून वाले वाहनों को लालजीवाला और नजीबाबाद वाले वाहनों को नीलधारा गोरीशंकर पार्किंग में भेजा जाएगा। चीला मार्ग केवल एग्जिट के लिए खुलेगा और ललतारौ पुल से शिवमूर्ति तक ऑटो-विक्रम-टैक्सी प्रतिबंधित रहेंगे। चारधाम यात्री (गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ) से दिल्ली जाने वाले वाहन रायवाला-चंडीचौक से मेरठ-दिल्ली की ओर भेजे जाएंगे। यातायात दबाव को देखते हुए इस डायवर्जन के समय में बदलाव भी संभव है।













