पतंजलि विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह

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तपस्या,सरलता और कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन का आधार बनाएं विद्यार्थी-राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पतंजलि विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और उपाधियाँ प्रदान कीं। उन्होंने तपस्या, सरलता और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

  • छात्राओं का प्रदर्शन: 64% स्वर्ण पदक छात्राओं ने जीते, जिन्हें राष्ट्रपति ने विकसित भारत का आधार बताया।
  • योग और आयुर्वेद पर जोर: राज्यपाल ने योग और आयुर्वेद में विवि के अभूतपूर्व योगदान की सराहना की।
  • जॉब क्रिएटर: स्वामी रामदेव ने कहा कि विवि का हर विद्यार्थी ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ है।
  • गुणवत्ता: आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि विवि को ‘नैक’ से ‘ए’ ग्रेड प्राप्त हुआ है और इसे विश्व के श्रेष्ठतम विश्वविद्यालयों में ले जाने का लक्ष्य है।
  • कुल उपाधियाँ: समारोह में 1424 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं।