हरिद्वार में RSS का 14 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग संपन्न: भारत हमेशा विश्वगुरु रहेगा – ले.ज. अजय कुमार

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हरिद्वार, 12 जून 2026: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तराखंड प्रांत का 14 दिवसीय ‘संघ शिक्षा वर्ग (विद्यार्थी)’ सोमवार को सरस्वती विद्या मंदिर, सेक्टर-2, भेल में संपन्न हो गया। 28 मई से शुरू हुए इस वर्ग में उत्तराखंड के 13 जिलों से 306 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिन्हें कड़ी दिनचर्या के बीच शारीरिक और बौद्धिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में स्वयंसेवकों ने दंड युद्ध, नियुद्ध, योगासन और सूर्य नमस्कार का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।


प्रमुख वक्ताओं के मुख्य विचार व नाम:

  • लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह (मुख्य अतिथि):
    • ​उन्होंने सीमाओं (चीन-पाकिस्तान) और आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों का जिक्र करते हुए देश को आत्मनिर्भर बनने और नई रक्षा तकनीक विकसित करने पर जोर दिया।
    • ​उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 51A (नागरिक कर्तव्य) का हवाला देते हुए अनुशासन, राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की बात कही। उन्होंने दृढ़ता से कहा, “भारत विश्वगुरु था, आज भी है और हमेशा रहेगा।”
  • संदीप जैन (विशिष्ट अतिथि एवं उद्यमी):
    • ​उन्होंने कहा कि संघ हर भारतीय में देशभक्ति की भावना जगाकर राष्ट्र निर्माण के कार्य में जुटा है। राष्ट्र सुरक्षित और समृद्ध होगा, तभी सबका विकास होगा।
  • डॉ. शैलेंद्र जी (मुख्य वक्ता):
    • ​उन्होंने संघ शिक्षा वर्ग को ‘व्यक्ति निर्माण की प्रयोगशाला’ बताया।
    • ​उन्होंने कहा कि भारत सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य के ‘पंच परिवर्तन’ से ही परम वैभव को प्राप्त करेगा। उन्होंने छुआछूत और जातिगत भेदभाव मिटाने तथा हर शिक्षार्थी को अपने गांव/मोहल्ले में सामाजिक कार्य की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।
  • वीर प्रताप (वर्ग सर्वव्यवस्था प्रमुख):
    • ​उन्होंने वर्ग का प्रतिवेदन (रिपोर्ट) प्रस्तुत करते हुए बताया कि 15 दिनों में कुल 40 घंटे शारीरिक और 60 घंटे बौद्धिक सत्रों का आयोजन किया गया।

मंच पर उपस्थित अन्य गणमान्य:

कार्यक्रम में जिला संचालक डॉ. यतींद्र नाग्यान, वर्गाधिकारी प्रवीण कुमार, प्रांत सह प्रचारक चंद्रशेखर जी, विभाग पालक सुनील जी और विभाग प्रचारक राकेश जी सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के साथ हुआ।