एसएमजेएन कालेज में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन

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हरिद्वार:   उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती समारोह के उपलक्ष्य में एसएमजेएन कालेज में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्तराखंड विकास के पथ पर अग्रसर विषय पर अपने व्यक्तव्य प्रस्तुत किये।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि 25वर्षाे की इस यात्रा में उत्तराखंड ने नवीन राज्य होते हुए भी सतत विकास की ओर अपने मज़बूत कदम बढ़ाये हैं।उत्तराखंड सतत विकास वाला मजबूत वट वृक्ष बनकर अंकुरित हुआ हैं। डा.बत्रा ने कहा कि छात्र छात्राओं द्वारा जो भी कमियां उजागर की गई हैं। उन्हेे राज्य सरकार को इस आशय से प्रेषित किया जाएगा ताकि उन्हें समाहित कर कमियों को भी दूर किया जा सके। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा.संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि युवाओं द्वारा लोक संस्कृति को संजोकर रखना ही उत्तराखंड राज्य का अनोखा बिंदु है।जिसके चलते सम्पूर्ण विश्व में आज उत्तराखंड की अलग पहचान बनी हैं।इस अवसर पर नताशा तथा सोनाली ने गीत की प्रस्तुति दी।जबकि अपराजिता ने उत्तराखंड राज्य पर स्वरचित कविता का पाठ किया।प्रतियोगिता में विषय के पक्ष में प्रथम पुरस्कार संयुक्त रूप से बीएससी की अंजलि सैनी तथा बीए की निहारिका को प्राप्त हुआ।द्वितीय पुरस्कार बी.कॉम की मनीषा तथा बीएससी की नैन्सी नाथ तथा बीए के अमन पाठक को संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। विपक्ष में प्रथम पुरस्कार बीएससी के छात्र दिव्यांशु नेगी,द्वितीय पुरूस्कार बीए की छात्रा शैली,तृतीय पुरूस्कार बीएससी के छात्र दिव्यांशु को प्राप्त हुआ।बीए की छात्रा मानसी को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।प्रतियोगिता में डा.सरोज शर्मा,डा.मोना शर्मा,डा.पूर्णिमा सुन्दरियाल एवं डा.पल्लवी ने निर्णायक की भूमिका का निर्वहन किया।विनीत सक्सेना तथा यादविंदर सिंह कार्यक्रम के संयोजक रहे।इस अवसर पर प्रो.विनय थपलियाल,डा.शिवकुमार चौहान,डा.मीनाक्षी शर्मा,डा.लता शर्मा,डा.अनुरिषा,डा.रेनू सिंह,डा.मनीषा पांडेय,दीपिका आनंद,अंजलि शर्मा,संदीप सकलानी,निशांत चौहान सहित अनेक छात्र छात्राएं उपस्थित रहें।
भव्या भगत ने बढ़ाया हरिद्वार का मान
हरिद्वार:   एसएमजेएन कालेज की असिस्टेंट प्रोफेसर कुमारी भव्या भगत द्वारा लिखित पुस्तक अंडरस्टैंडिंग माइक्रोइकोनॉमिक्स (ए मैथेमेटिकल अप्रोच) का देहरादून स्थित लेखक गांव में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने विमोचन किया।भव्या भगत ने कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी और कालेज के प्राचार्य प्रो.सुनील कुमार बत्रा सहित अन्य प्रोफेसरों को अपना प्रेरणास्रोत बताया।भव्या भगत उत्तराखंड ऑडिट विभाग में कार्यरत बृजमोहन भगत की सुपुत्री हैं।
संत समाज ने दी ब्रह्मलीन महंत महेश मुनि को श्रद्धांजलि
संत महापुरूषों की सेवा को समर्पित रहा ब्रह्मलीन महंत महेश मुनि का जीवन-महंत मोहनदास
हरिद्वार। चेतनदेव कुटिया के ब्रह्मलीन कोठारी महंत महेश मुनि की षोड़शी पर संत समाज ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए चेतनदेव कुटिया के परमाध्यक्ष महंत मोहनदास महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन कोठारी महंत महेश मुनि का पूरा जीवन मानव कल्याण और संत महापुरूषों की सेवा के लिए समर्पित रहा।उनके अचानक चले जाने से संत समाज को अपूर्णीय क्षति हुई है।सभी को उनके दिखाए मार्ग पर चलते मानव कल्याण का संकल्प लेना चाहिए।श्रीपंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव एवं अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि ब्रहमलीन महंत महेश मुनि महाराज संत समाज की दिव्य विभूति थे।सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि संतों का जीवन निर्मल जल के समान होता है।समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महंत महेश मुनि भले ही शारीरिक रूप से संसार में मौजूद नहीं हैं।लेकिन उनके विचार और शिक्षाएं सदैव समाज का पथ प्रदर्शन करती रहेंगी।इस दौरान बाबा हठयोगी,महंत जगदीश दास,महंत राघवंेद्र दास,महंत विष्णुदास,महंत कमलदास,महंत सुरेश मुनि,स्वामी कपिल मुनि,महंत दुर्गादास,महंत अवधेश्वरदास,महंत गोविंददास,स्वामी रविदेव शास्त्री,महंत जसविन्दर सिंह,महंत जयेंद्र मुनि,महंत गंगादास सहित बड़ी संख्या में संत महापुरूष और श्रद्धालु मौजूद रहे।