केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों का सफाया और 3 साल में न्याय का संकल्प: हरिद्वार में अमित शाह का हुंकार

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घुसपैठियों के खिलाफ देशव्यापी अभियान का शंखनाद

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हरिद्वार से कड़ा संदेश देते हुए कहा कि केंद्र सरकार केदारनाथ से लेकर कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिये को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री धामी की पीठ थपथपाई और कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद्ध होना अनिवार्य है।

2028 तक देश में लागू होगी सबसे आधुनिक न्याय प्रणाली

​गृहमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने के 150 साल पुराने कानूनों को बदलकर नई भारतीय न्याय संहिता लाई गई है। उन्होंने दावा किया कि 2028 तक इसके सभी प्रावधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे, जिसके बाद एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक में अधिकतम 3 वर्ष का समय लगेगा।

शरणार्थियों को मिली भारत की नागरिकता: ‘तुष्टिकरण का अंत’

​कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 शरणार्थियों को भारत की नागरिकता के प्रमाणपत्र सौंपे गए। अमित शाह ने कहा कि इन शरणार्थियों का भारत पर उतना ही अधिकार है जितना प्रधानमंत्री मोदी का। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म और परिवार की इज्जत बचाने भारत आए इन लोगों को नागरिकता देने के फैसले पर सरकार अडिग रहेगी।

ई-जीरो एफआईआर (E-Zero FIR) का शुभारंभ

​साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत की गई है। इसके तहत 1 लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अब 1930 हेल्पलाइन या पोर्टल के जरिए तुरंत रिपोर्ट दर्ज होगी। इससे ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित कार्रवाई कर ठगी गई राशि की रिकवरी आसान हो जाएगी।

‘बिना पर्चा, बिना खर्चा’ युवाओं को मिल रही सरकारी नौकरियां

​उत्तराखंड के सख्त नकल विरोधी कानून की प्रशंसा करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि अब राज्य में नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता से हो रही हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड पुलिस के 1900 नवनियुक्त आरक्षियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने भ्रष्टाचार के नेटवर्क को चुन-चुन कर समाप्त किया है।

उत्तराखंड की आर्थिकी में अभूतपूर्व उछाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले चार वर्षों के विकास का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी (GSDP) 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय ₹1,80,000 थी, जबकि अब यह बढ़कर ₹2,74,000 हो गई है। उत्तराखंड की जीएसडीपी ₹2,22,000 करोड़ थी जो बढ़कर ₹3,82,000 करोड़ हो चुकी है। पढ़ा जाये

ऐतिहासिक फैसलों का विमोचन: ‘विकल्प रहित संकल्प’

​समारोह में मुख्यमंत्री धामी के भाषणों और निर्णयों पर आधारित पुस्तक ‘विकल्प रहित संकल्प’ का विमोचन किया गया। साथ ही राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और ऐतिहासिक उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।