कांवड़ यात्रा के लिए साझा कार्ययोजना, सीमाओं पर संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर बनेंगे
हरिद्वार। आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मेला नियंत्रण भवन में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक हुई। बैठक में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, संचार एवं आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी राज्यों एवं एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय और त्वरित सूचना आदान-प्रदान जरूरी है। उन्होंने उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेकपोस्ट व बैरियर स्थापित करने, साझा सर्विलांस व्यवस्था विकसित करने तथा सोशल मीडिया पर अफवाहों की निगरानी के निर्देश दिए।
उन्होंने कांवड़ यात्रियों को वैध पहचान पत्र रखने के लिए प्रेरित करने तथा घातक हथियार व प्रतिबंधित सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने को कहा। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा, साइनेज, पार्किंग और डायवर्जन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक अवधि रहेगी, जबकि 5 अगस्त से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। 8 अगस्त से शुरू होने वाला डाक कांवड़ चरण सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रहेगा। बैठक में उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी तथा केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक से पूर्व मुख्य सचिव ने हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में गंगा पूजन किया।
खानपुर सेवा पखवाड़ा शिविर में 49 समस्याओं का मौके पर शत-प्रतिशत निस्तारण

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ तथा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत विकासखंड मुख्यालय खानपुर में सेवा पखवाड़ा शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में 455 क्षेत्रवासियों ने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। विभिन्न विभागों से संबंधित 49 आवेदन एवं समस्याएं दर्ज की गईं, जिनका मौके पर ही शत-प्रतिशत निस्तारण कर दिया गया। विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स, भाजपा जिला अध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देव्यानी सिंह सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। शादाब शम्स ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पहुंचाना है। डॉ. मधु सिंह और देव्यानी सिंह ने कहा कि सेवा पखवाड़ा शिविरों से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी आलोक गार्गेय सहित ग्राम प्रधान, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
माटी कला कारीगरों की आर्थिकी मजबूत करेगी सरकार, कुंभ-चारधाम में कुल्हड़ व स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा

हरिद्वार। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने रुड़की स्थित माटी कला बोर्ड के प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में माटी कला से जुड़े प्रजापति समाज के कारीगरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान कारीगरों ने मिट्टी की उपलब्धता और उस पर लगे प्रतिबंध सहित विभिन्न समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया।
मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि सरकार पारंपरिक माटी कला के संरक्षण और कारीगरों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मिट्टी से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी। आगामी कुंभ में प्लास्टिक गिलास के विकल्प के रूप में पर्यावरण अनुकूल कुल्हड़ों के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे। इससे प्लास्टिक का उपयोग कम होने के साथ कारीगरों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने चारधाम यात्रा में भी माटी कला से बने स्थानीय उत्पादों के उपयोग और विपणन को बढ़ावा देने की बात कही। कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए मिट्टी गूंथने की मशीन उपलब्ध कराने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल ने कहा कि माटी कला उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम में राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति, मेयर अनीता ललित अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह सहित अनेक पदाधिकारी एवं कारीगर उपस्थित रहे।














