उत्तराखंड पुलिस ने आगामी श्रावण मास में आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 के लिए विस्तृत यातायात प्लान जारी कर दिया है। वर्ष 2026 में श्रावण मास 28 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसमें कुल चार सोमवार पड़ेंगे और मुख्य पर्व श्रावण शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाया जाएगा। मेले के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले वाहनों, रोडवेज बसों, प्राइवेट बसों और भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू रहेगा।
सहारनपुर, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को मण्डावर, लक्सर और एस.एम. तिराहा होते हुए बैरागी कैम्प पार्किंग में पार्क कराया जाएगा। अत्यधिक दबाव होने पर रामपुर तिराहा से डायवर्जन लागू होगा। कांवड़ वाहनों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की तरफ से आने वाले वाहन चिड़ियापुर होकर गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में भेजे जाएंगे, जबकि देहरादून व ऋषिकेश से आने वाले कांवड़ वाहनों को चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग में पार्क किया जाएगा।
रोडवेज और प्राइवेट बसों के आवागमन के लिए भी विशेष मार्ग तय किए गए हैं। दिल्ली और पंजाब से आने वाली बसें ऋकुल मैदान तथा बैरागी कैम्प में खड़ी की जाएंगी। दिल्ली से देहरादून आने-जाने वाली सभी बसों के लिए केवल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उपयोग तय किया गया है। भारी वाहनों का प्रवेश 29/30 जुलाई से 4 अगस्त के बीच केवल रात्रि 12:00 बजे से प्रातः 04:00 बजे तक रहेगा, जबकि 5/6 अगस्त से 11 अगस्त तक भारी वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
चारधाम यात्रियों के लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने हेतु गढ़मुक्तेश्वर, कोटद्वार, पौड़ी या दिल्ली एक्सप्रेस-वे के प्रयोग की सलाह दी गई है। पैदल कांवड़ियों के लिए हर की पैड़ी से नहर पटरी होते हुए बहादराबाद, नजीबाबाद और ऋषिकेश की ओर निकलने के लिए सुरक्षित एवं अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। वहीं, हिलबाईपास का प्रयोग केवल एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसी आवश्यक सेवाओं, स्थानीय निजी वाहनों और अत्यधिक दबाव होने पर कांवड़ निकासी के लिए किया जाएगा।













