
हरिद्वार में जिला सैनिक कल्याण एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस को शौर्य दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कारगिल शहीदों एवं वीर सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन धारण कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कारगिल युद्ध के वीर बलिदानियों को नमन किया और कहा कि युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि शहीद सैनिकों की वीर नारियों, वर्तमान में सीमा पर तैनात जवानों के परिजनों तथा भूतपूर्व सैनिकों की किसी भी समस्या का जिला प्रशासन और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के माध्यम से त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा जनपद के 08 वीर शहीद सैनिकों की वीर नारियों एवं परिजनों को शॉल तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा हॉकी प्रतियोगिता के विजेता बच्चों और एनसीसी कैडेटों को भी ट्रॉफी व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में नगर निगम की मेयर किरण जैसल ने कहा कि राष्ट्र अपने वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा और कारगिल विजय दिवस हमें देशभक्ति तथा राष्ट्र सेवा की निरंतर प्रेरणा देता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सैनिकों, उनके आश्रितों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी डॉ. सरिता पंवार ने हरिद्वार के शहीद राइफलमैन मान सिंह गोसाईं के अदम्य साहस को याद करते हुए सभी अतिथियों का आभार जताया। इस दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित सैनिक संगठनों के प्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।













