हरिद्वार कांवड़ मेला 2026: सुरक्षा व यातायात व्यवस्था सख्त, 1.80 करोड़ श्रद्धालुओं का हुआ आगमन और कुंभ 2027 की तैयारियों पर मंथन

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कांवड़ मेले का दूसरा चरण शुरू: हरिद्वार में हाईवे पर रात में भारी वाहनों की नो-एंट्री, 7 अगस्त से शत-प्रतिशत डायवर्जन संभव

हरिद्वार। पंचक समाप्त होते ही कांवड़ मेला अपने दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। इसके साथ ही पुलिस-प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सख्त करते हुए ट्रैफिक प्लान का द्वितीय चरण लागू कर दिया है। अब हाईवे पर रात के समय भी भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

​हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह के अनुसार, 4 अगस्त तक भारी वाहनों को रात 12 बजे से तड़के 4 बजे तक हाईवे पर चलने की छूट दी गई थी, लेकिन 5 अगस्त (बुधवार) से 11 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

​7 अगस्त से शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए शत-प्रतिशत रूट डायवर्जन लागू करने की तैयारी है। इसके तहत हरिद्वार आने वाले वाहनों को मंगलौर से लक्सर की ओर भेजा जाएगा, जो कनखल होते हुए बैरागी कैंप और दक्ष मंदिर के पीछे मैदान में पार्क होंगे।

रूट व पार्किंग की मुख्य व्यवस्था:

  • सहारनपुर/यमुनानगर से आने वाले कांवड़ वाहन: मंडावर, सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, लक्सर और एसएम तिराहा होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग जाएंगे।
  • दिल्ली, मेरठ व मुजफ्फरनगर के कांवड़ वाहन: दबाव बढ़ने पर रामपुर तिराहा, कोलकी टोल प्लाजा, मंडावर और लक्सर होकर बैरागी कैंप पहुंचेंगे।
  • मुरादाबाद, बिजनौर व नजीबाबाद रूट: कांवड़ वाहन गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में पार्क होंगे।
  • देहरादून व ऋषिकेश रूट: नेपाली तिराहा और सप्तऋषि होते हुए वाहन चमगादड़ टापू व लालजीवाला में पार्क किए जाएंगे।
  • बस संचालन: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से आने वाली बसें मंडावर व अब्दुल कलाम चौक से ऋषिकुल मैदान भेजी जाएंगी। देहरादून/ऋषिकेश की बसें मोतीचूर और नजीबाबाद की बसें नीलधारा/गौरीशंकर पार्किंग तक ही चलेंगी।

कांवड़ यात्रा के बाद कुंभ-2027 के निर्माण कार्यों में आएगी तेजी, IIT रुड़की करेगी नए पुलों की जांच

हरिद्वार। महाकुंभ-2027 की तैयारियों के अंतर्गत चल रही अवस्थापना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास परियोजनाओं को कांवड़ मेला समाप्त होते ही युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। बुधवार को मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्माण कार्यों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की।

​मेलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा खत्म होते ही सभी कार्यदायी संस्थाएं पूर्ण क्षमता के साथ काम में जुट जाएं ताकि स्थायी व अस्थायी निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे हो सकें।

समीक्षा बैठक के मुख्य निर्देश:

  • IIT रुड़की से जांच: कुंभ क्षेत्र में श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए 5 नए पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। इन पुलों के निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता और स्टील स्ट्रक्चर का परीक्षण आईआईटी रुड़की द्वारा कराया जाएगा।
  • अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई: सड़कों और पुलों के किनारों से तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। अतिक्रमण न हटाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था का भुगतान रोकने की चेतावनी दी गई है।
  • हरित आवरण व सौंदर्यीकरण: स्वीकृत सड़कों, पुलों और घाटों के किनारे वृहद पौधारोपण किया जाएगा। इसके अलावा बस अड्डों, पार्किंग, चौराहों के सुधार और फसाड लाइटिंग के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है।
  • जलभराव से मुक्ति: मानसून के बाद कुंभ शिविरों की भूमि का समतलीकरण करने और शहर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के निर्देश जारी किए गए हैं।

​बैठक में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, वित्त नियंत्रक लखेन्द्र गौंथियाल और तकनीकी सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

कांवड़ मार्ग के होटल-ढाबों और मेडिकल स्टोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी

हरिद्वार। कांवड़ यात्रियों को स्वच्छ भोजन और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम ने सुभाषनगर (ज्वालापुर) स्थित मेडिकल स्टोरों एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।

​सहायक आयुक्त/अभिहित अधिकारी महिमानन्द जोशी ने बताया कि अभियान के तहत सुभाषनगर में खाद्य प्रतिष्ठान से खाद्य तेल का एक सैंपल जांच के लिए लैब भेजा गया है। साथ ही व्यवसायियों को एक्सपायर (कालातीत) सामग्री को अलग स्टोर करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

​इसके अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चन्द्र टम्टा, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन और पवन कुमार की टीमों ने पुल जटवाड़ा, ज्वालापुर से बहादराबाद, ललतारपुल, विष्णुघाट, चंडी चौक तथा कलियर से रुड़की तक कांवड़ मार्ग पर स्थित ढाबों, होटलों और रेस्टोरेंटों की जांच की। कलियर-रुड़की मार्ग से खाद्य पदार्थों के 3 अन्य सैंपल भी लिए गए।

​प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मिलावटखोरी या अस्वच्छता पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कांवड़ मेले के 7वें दिन 37 लाख से अधिक शिवभक्त रवाना, आंकड़ा 1.80 करोड़ पार

हरिद्वार। हरिद्वार कांवड़ मेला-2026 में शिवभक्तों की भारी भीड़ लगातार बनी हुई है। मेला कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, यात्रा के सातवें दिन कुल 37 लाख 30 हजार श्रद्धालुओं ने हरिद्वार से गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।

​इसके साथ ही इस वर्ष कांवड़ यात्रा शुरू होने से लेकर अब तक जल लेकर लौटने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 1 करोड़ 80 लाख 55 हजार तक पहुंच चुकी है।

​भीड़ के भारी दबाव को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन ने स्नान घाटों, कांवड़ पटरियों और संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व यातायात के कड़े इंतजाम किए हैं। जगह-जगह स्वास्थ्य, स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए निर्धारित मार्गों का प्रयोग करें और पुलिस निर्देशों का पालन करें।

हरिद्वार में 87 हजार से अधिक कांवड़ियों का निशुल्क इलाज, 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कांवड़ पटरी मार्ग सहित कुल 32 स्थानों पर निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं।

​मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि यात्रा के सातवें दिन 21,596 शिवभक्तों का विभिन्न शिविरों में इलाज किया गया। कांवड़ मेले की शुरुआत से अब तक कुल 87,567 श्रद्धालुओं को निशुल्क चिकित्सीय परामर्श व दवाएं दी जा चुकी हैं।

​हरिद्वार में पहली बार कांवड़ मेले के दौरान 5 मेडिकल मोबाइल यूनिट (MMU) तैनात की गई हैं, जो मार्ग में चलते-फिरते श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा प्रदान कर रही हैं। सीएमओ ने कांवड़ यात्रियों से यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और स्वास्थ्य बिगड़ने पर निकटतम कैंप में संपर्क करने की सलाह दी है।

महापौर किरण जैसल ने सीसीआर चौक पर शिवभक्तों पर की पुष्पवर्षा, बांटा प्रसाद

हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 के अवसर पर नगर निगम हरिद्वार की महापौर किरण जैसल ने सीसीआर चौक पर पहुंचकर हरिद्वार आए कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने शिवभक्तों के बीच फल वितरित कर उनकी सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।

​महापौर ने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर निगम द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मेला क्षेत्र, प्रमुख घाटों और मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को तैनात कर निरंतर सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

​प्लास्टिक मुक्त कांवड़ यात्रा का संदेश देते हुए महापौर ने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए घाटों पर ‘स्वच्छता वीर’ तैनात किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं को पॉलीथिन व प्लास्टिक शीट का उपयोग न करने के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से पर्यावरण अनुकूल यात्रा में सहयोग करने का आह्वान किया।