हरिद्वार संक्षिप्त: जनपद में संत समाज से जुड़ी ख़बरें, यहां देखें

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श्री मुनि मंडल आश्रम में तीन नए उत्तराधिकारी नियुक्त

हरिद्वार के कनखल स्थित श्री मुनि मंडल आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी आनंद राघव महाराज ने अपनी गिरती सेहत और बढ़ती उम्र को देखते हुए तीन उत्तराधिकारियों की घोषणा की है. शनिवार को हुए पट्टाभिषेक समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी शिवानंद आचार्य, साध्वी मंदाकिनी मुनि, और स्वामी विज्ञानानंद को आश्रम का नया दायित्व सौंपा गया.
इस अवसर पर सभी तेरह अखाड़ों के संत-महापुरुषों और षड़दर्शन साधु समाज के सानिध्य में एक समारोह आयोजित किया गया, जहां संतों ने तिलक चादर भेंट कर नए उत्तराधिकारियों को शुभकामनाएं दीं. स्वामी आनंद राघव महाराज ने बताया कि स्वामी शिवानंद आचार्य संरक्षक, साध्वी मंदाकिनी कोठरी महंत, और स्वामी विज्ञानानंद आश्रम के महंत की जिम्मेदारी संभालेंगे. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों संत मिलकर आश्रम के सभी दायित्वों का निर्वहन करेंगे और समाज सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे.
तीन महंतों की नियुक्ति पर संत समाज में विवाद
श्री मुनि मंडल आश्रम में एक साथ तीन महंत बनाए जाने के फैसले पर संत समाज में तीखी बहस देखने को मिली। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के कोठारी महंत राघवेंद्र दास, महंत गंगादास, महंत सूर्यांश मुनि, और महंत जयेंद्र मुनि ने इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए इसे अखाड़े की परंपरा का उल्लंघन बताया। उनका कहना था कि परंपरा के अनुसार केवल एक महंत बनाया जाना चाहिए, न कि तीन ।

हालांकि, महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी महाराज ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह आश्रम के परमाध्यक्ष का निजी निर्णय है और अखाड़े को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इस बात पर दोनों पक्षों में काफी देर तक हंगामा चलता रहा, जिसके बाद कुछ वरिष्ठ संतों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया।

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने प्रशासन को दिया 25 लाख का चेक

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कांवड़ मेला व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए प्रशासन को 25 लाख रुपये का चेक सौंपा। यह चेक एचआरडीए सचिव मनीष सिंह और एसडीएम जितेंद्र कुमार को चरण पादुका मंदिर में आयोजित कांवड़ सेवा शिविर के दौरान दिया गया।
श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि यह राशि कांवड़ मेले के दौरान करोड़ों शिवभक्तों के लिए व्यवस्थाएं बनाए रखने में प्रशासन की मदद करेगी। इसके अतिरिक्त, मेले के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भोजन और पेयजल भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस अवसर पर चेन्नई से आए गोल्डन बाबा ने भी श्रीमहंत रविंद्रपुरी से भेंट की और उन्हें एक हजार कुण्डीय महायज्ञ में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

शिव आराधना से बदल जाता है जीवन – स्वामी कैलाशानंद गिरी

श्रीदक्षिण काली मंदिर परिसर में पूरे सावन मास तक चलने वाली निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की विशेष शिव साधना दूसरे दिन भी जारी रही। उन्होंने विभिन्न प्रकार के पुष्पों से शिवलिंग का विशेष श्रृंगार कर गंगाजल, पंचामृत और अन्य द्रव्यों से भगवान शिव का अभिषेक किया और विश्व कल्याण की कामना की।
स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि सावन में सच्चे मन से की गई भगवान शिव की आराधना से साधक का जीवन बदल जाता है। शिव कृपा से सात्विक विचारों का उदय होता है और चरित्र उत्तम बनता है, जिससे कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उनके शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि इस शिव आराधना के दौरान आम लोगों के साथ कई महत्वपूर्ण व्यक्ति भी भगवान शिव का अभिषेक करेंगे।

श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने जेल में किया शिव महापुराण कथा का आयोजन

हरिद्वार: श्री अखंड परशुराम अखाड़े की और से पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए निर्दोष नागरिकों की स्मृति में आयोजित की जा रही शिव महापुराण कथा का शुभारंभ कथाव्यास महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती के नेतृत्व में कलश यात्रा के साथ हुआ। कैदियों को शिव महापुराण कथा का महात्मय श्रवण कराते हुए कथाव्यास स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि पद्मपुराण में वर्णन मिलता है कि किरात नगर में रहने वाला देवराज नामक ब्राह्मण एक वैश्या के संगति में पड़कर ब्राह्मण कर्म को छोड़ कर कुमार्ग पर चलने लगा। कुछ समय बाद देवराज ने प्रयागराज में जाकर शिव महापुराण कथा का श्रवण किया। इसके बाद वह मृत्यु को प्राप्त हो गया और शिवगण उसे शिव लोक ले गए। स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि भगवान शिव कहते हैं कि कितना बड़ा पापी क्यों न हो, शिव महापुराण कथा श्रवण करने से उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे शिव लोक की प्राप्ति होती है।श्री अखंड परशुराम अखाड़ा राष्ट्रीय के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधिर कौशिक ने कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण करने से जीवन में किए गए सभी पापों का प्रायश्चित हो जाता है। पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि कारागार में बंद कैदियों के कल्याण और उनकी मनोस्थिति में बदलाव के लिए अखाड़े की और से समय-समय पर जेल में कथा, सुंदरकांड पाठ व कीर्तन आदि का आयोजन किया जाता है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए लोगों की याद में श्री अखड परशुराम अखाड़े के सहयोग से जेल में शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। जेल में बंद कैदियों व जेल स्टाफ को 9 दिनों तक कथा श्रवण का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री, आचार्य संजय शास्त्री, डा.सुमित अग्रवाल, चौधरी बलविंदर, सत्यम शर्मा, विष्णु गौड़, जलज कौशिक, रूपेश कौशिक, कुलदीप शर्मा, मनोज ठाकुर, बृजमोहन शर्मा आदि मौजूद रहे।