गंगनहर विजय दशमी की मध्यरात्रि से छोटी दीपावली तक बंद रहेगी

हरिद्वार। गत वर्षों की तरह इस वर्ष भी विजय दशमी की मध्यरात्रि (2 अक्टूबर की मध्यरात्रि) से गंगनहर को मरम्मत और साफ-सफाई के लिए बंद किया जाएगा। यह नहर बंदी छोटी दीपावली (19 अक्टूबर की मध्यरात्रि) तक जारी रहेगी। इस दौरान उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग सिल्ट हटाने, साफ-सफाई और मरम्मत आदि का कार्य कराएगा।
20 अक्टूबर की सुबह से गंगनहर में पुनः पानी छोड़ा जाएगा, जिससे हरकी पैड़ी सहित अन्य घाटों पर पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। नहर बंदी के चलते इस अवधि में हरकी पैड़ी पर गंगाजल की मात्रा बहुत कम रहेगी, केवल भागीरथी बिंदु से आने वाली अविछिन्न धारा का जल ही उपलब्ध रहेगा।
महिला अस्पताल में फर्श पर प्रसव: आरोपी संविदा चिकित्सक की सेवाएं समाप्त, जाँच के आदेश

हरिद्वार: सरकारी महिला अस्पताल में गर्भवती महिला के फर्श पर बच्चा जनने के गंभीर मामले में सीएमओ डॉ. आर.के. सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रात्रि ड्यूटी पर तैनात संविदा पर कार्यरत महिला चिकित्सक की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, सीएमओ ने अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आर.बी. सिंह को चार सदस्यीय जाँच कमेटी गठित कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार रात यह घटना तब हुई जब ब्रह्मपुरी निवासी 28 वर्षीय प्रसूता को ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ ने कथित तौर पर तत्काल भर्ती करने से मना कर दिया। दर्द से कराहती महिला ने रात करीब साढ़े बारह बजे फर्श पर ही बच्ची को जन्म दिया। बताया जा रहा है कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सीएमओ ने कहा है कि लापरवाही सामने आने पर दोबारा उन्हें (संविदा डॉक्टर को) रखने पर पुनर्विचार किया जाएगा।
लापरवाही के विरोध में कांग्रेस का धरना और सख्त कार्रवाई की माँग

हरिद्वार: महिला अस्पताल में गर्भवती को उपचार न मिलने और फर्श पर बच्चा जनने की घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व सभासद अशोक शर्मा के नेतृत्व में जिला महिला चिकित्सालय में धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने कार्यवाहक सीएमएस डॉ. रणबीर सिंह का घेराव किया और फूलमाला पहनाकर विरोध जताया। उन्होंने सरकारी अस्पतालों को “उगाही और रेफर केंद्र” बनकर रह जाने का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
समाजसेवी आयुषी टंडन ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर जताई चिंता

हरिद्वार: समाजसेवी आयुषी टंडन ने भी इस घटना पर प्रेस बयान जारी कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रसव पीड़ा से चिल्लाती महिला को समय पर उपचार न मिलना एक गंभीर मामला है और वायरल वीडियो में चिकित्सकों की लापरवाही साफ दिखती है। आयुषी टंडन ने सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लापरवाही करने वाले चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है।













