मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड रजत जयंती समारोह तैयारियों का जायजा लिया
देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने उत्तराखण्ड रजत जयंती समारोह के मुख्य कार्यक्रम (09 नवम्बर) की तैयारियों का एफआरआई देहरादून में जायजा लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। चूँकि 60-70 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है, इसलिए प्रवेश और निकासी में आमजन को कोई दिक्कत न हो, यह सुनिश्चित करने और यातायात व पार्किंग प्लान को वृहद स्तर पर बनाने को कहा ताकि शहर के यातायात में समस्या न आए।
स्वच्छता अभियान के तहत नगर निगम की ताबड़तोड़ चालान कार्रवाई

हरिद्वार: नगर निगम हरिद्वार ने स्वच्छता एवं प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत पिछले तीन दिनों में 150 से अधिक चालान प्लास्टिक उपयोग और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ काटे हैं। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 09 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और सभी सैनिटरी इंस्पेक्टरों को चालान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निगम सिंगल यूज़ प्लास्टिक की 21 मदों के साथ-साथ नॉन-वोवन बैग्स पर भी सख्ती बरत रहा है और बड़े गोदामों पर छापेमारी के निर्देश दिए हैं। महापौर किरण जैसल ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
महामहिम राष्ट्रपति के दौरे को लेकर हरिद्वार पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

हरिद्वार: रविवार को प्रस्तावित महामहिम राष्ट्रपति के भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस और प्रशासन कर्मियों को सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र, जिलाधिकारी और एसएसपी ने ब्रीफिंग में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। ड्यूटी पॉइंट न छोड़ने, बिना पास प्रवेश वर्जित रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रभारी अधिकारी को देने पर जोर दिया गया। ट्रैफिक कर्मियों को रूट प्लान के अनुसार यातायात व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया।
तुलसी विवाह पर शांतिकुंज परिवार ने निकाली भव्य शोभायात्रा

हरिद्वार: गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में देवोत्थान एकादशी तुलसी विवाह के अवसर पर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शांतिकुंज महिला मंडल की प्रमुख श्रीमती शेफाली पंड्या ने तुलसी माता का पूजन किया, जिसे व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा में गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थी बैंड के साथ चले, महिला मंडल की बहनों ने शंखनाद किया और कई बहनें माता तुलसी के विग्रह स्वरूप पौधों को सिर पर धारण किए हुए थीं। यह यात्रा आध्यात्मिक संकल्प और सशक्त नारी नेतृत्व का प्रतीक बनी।














