यूपीईएस ने आचार्य बालकृष्ण को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी उपाधि से किया सम्मानित

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सेवा में निरंतरता,सेवा में समर्पण तथा सेवा में संलग्नता ही हमारी शक्ति है- आचार्य बालकृष्ण

हरिद्वार:  उत्तराखण्ड का अग्रणी विश्वविद्यालय यूपीईएस (यूर्निवसिटी ऑफ पैट्रोलियम एनर्जीै स्टीडज) जो देश ही नहीं विश्व रैंकिग में शुमार होता है,इसके स्कूल ऑफ बिज़नेस के 23वें दीक्षांत समारोह में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण जी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया जहाँ उन्हें उनकी अभूतपूर्व उपलब्धियों के लिए सर्वाेच्च शैक्षणिक डिग्री-डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पी.एच-डी मानद उपाधि) उपाधि से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम स्थल पहुँचने पर यूपीईएस प्रबंधन,विद्यार्थियों एवं शिक्षकगणों ने आचार्य जी का स्वागत अभिनंदन किया।इस अवसर पर आचार्य जी ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सेवा में निरंतरता,सेवा में समर्पण तथा सेवा में संलग्नता ही हमारी शक्ति है।श्रद्धेय स्वामी जी के नेतृत्व में पतंजलि के लाखों भाई-बहनों के तप व पुरुषार्थ से पतंजलि विश्वव्यापी सेवा कार्यों को मूर्त रूप प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मान हमें और दृढ़ता से अपने सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने के प्रति प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में यूपीईएस के कुलपति डॉ.राम शर्मा ने मानवता की सेवा में आचार्य जी के समर्पण एवं निःस्वार्थ योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आपसे प्रेरणा प्राप्त कर स्रातक छात्र-छात्राएँ अपने जीवन कि नयी पारी नव-ऊर्जा के साथ आरंभ करने के लिए प्रेरित होंगे।पतंजलि मॉडल भारतीय परंपराओं के अनुरूप ग्राहकों के विश्वास को और मजबूती से आगे बढ़ाता है।देश के प्रतिष्ठित उद्यमी आज पतंजलि मॉडल से प्रेरणा ले रहे हैं।इस सम्मान के लिए आचार्य जी ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ.सुनील रॉय,कुलपति डॉ.राम शर्मा,प्रति कुलपति डॉ.जय शंकर,कुलसचिव प्रो.मनीष मदान,निदेशक स्कूल बिजनेस प्रो.राहुल नैनवाल,डीन-रिसर्च डॉ.अश्विनी नांगिया,एमडी,स्क्लम्बर्गर ललित अग्रवाल तथा गवर्निंग बॉडी के सदस्यों तथा सभी विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।