हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) ने हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्द्धकुंभ मेला 2027 के लिए 10 प्रमुख स्नान की तिथियां आधिकारिक तौर पर घोषित कर दी हैं। जिसका ऐलान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया । सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक चलने वाले इस महाआयोजन में सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए इतिहास में पहली बार साधु-संतों के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं के लिए चार ‘शाही अमृत स्नान’ होंगे।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में इन तिथियों की घोषणा की, जहां मुख्यमंत्री ने सभी संतों का सम्मान भी किया।
प्रमुख पर्व स्नान तिथियां (जनवरी-फरवरी)
मेले का आरंभ पारंपरिक रूप से मकर संक्रांति स्नान से होगा, जिसके बाद मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे पवित्र पर्वों पर स्नान किए जाएंगे:
- 14 जनवरी 2027: मकर संक्रांति
- 6 फरवरी 2027: मौनी अमावस्या
- 11 फरवरी 2027: बसंत पंचमी
- 20 फरवरी 2027: माघ पूर्णिमा
ऐतिहासिक ‘शाही अमृत स्नान’ की तिथियां
अर्द्धकुंभ 2027 में कुल चार शाही स्नान होंगे, जिन्हें ‘शाही अमृत स्नान’ का नाम दिया गया है। ये तिथियां पवित्र नदियों में डुबकी लगाने के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जाती हैं:
- 6 मार्च 2027: महाशिवरात्रि (पहला अमृत स्नान)
- 8 मार्च 2027: सोमवती, फाल्गुन अमावस्या (दूसरा अमृत स्नान)
- 14 अप्रैल 2027: मेष संक्रांति, वैशाखी (तीसरा अमृत स्नान)
- 20 अप्रैल 2027: चैत्र पूर्णिमा (चौथा अमृत स्नान)
अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक तिथियां
स्नान पर्वों के अलावा, अर्द्धकुंभ अवधि के दौरान अन्य महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार भी पड़ रहे हैं:
- 7 अप्रैल 2027: नव संवत्सर (हिंदू नव वर्ष)
- 15 अप्रैल 2027: राम नवमी
इस घोषणा के साथ ही हरिद्वार में 2027 के अर्द्धकुंभ मेले की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू हो गई हैं। सभी अखाड़ों के प्रतिनिधि इस बैठक में मौजूद रहे, जो इस ऐतिहासिक आयोजन के सफल संचालन के लिए एकता और सहयोग का प्रतीक है।













