हरिद्वार: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने सोमवार को खड़खड़ी स्थित कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता दिवंगत दिलीप कपिल के आवास पहुंचकर दलीप के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए रावत ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को यह असह्य दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस दौरान दिलीप कपिल के बड़े भाई सुभाष कपिल ने उनके राजनीतिक सफर को याद करते हुए बताया कि दिलीप पिछले 45 वर्षों से कांग्रेस पार्टी के एक निष्ठावान सिपाही के रूप में सक्रिय रहे। उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए बूथ स्तर से लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया। पार्टी की विचारधारा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संगठन के हित में संघर्ष करते हुए उन्हें कई बार कानूनी मुकदमों और चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन वे कभी पीछे नहीं हटे।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्व० दिलीप के पुत्र देव कपिल और उनकी पत्नी रीटा कपिल से बातचीत कर उन्हें ढांडस बंधाया और कहा कि पार्टी ने अपना एक सच्चा और कर्मठ सिपाही खो दिया है, जिसकी कमी को पूरा करना कठिन होगा।
इस अवसर पर उनके निवास पर पहुंचे गणमान्य व्यक्तियों में लोकसभा प्रत्याशी वीरेन्द्र रावत, पूर्व पार्षद अशोक शर्मा, वरिष्ठ नेता गुलशन नैय्यर और पार्षद महावीर वशिष्ठ प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनके अतिरिक्त सुनील कुमार सिंह, सतीश गुजराल, संजय रावल, मधुकांत गिरी, ऋषभ वशिष्ठ, विनय, गणेश दत्त, नारायण, ललित कपिल, हर्ष कपिल और राहुल कपिल समेत अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए दिवंगत नेता को याद किया।














