
हरिद्वार : 8 मार्च, 2026
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत द्वारा न्यूजीलैंड को पटखनी देते ही धर्मनगरी हरिद्वार के कोने-कोने में जश्न की लहर दौड़ गई। विशेष रूप से जयराम आश्रम के बाहर और खड़खड़ी का दृश्य दीपावली जैसा प्रतीत हो रहा था, जहाँ स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने मिलकर टीम इंडिया की जीत का अभूतपूर्व उत्सव मनाया।
सड़कों पर उतरा मिनी स्टेडियम
जयराम आश्रम के समीप स्थित स्थानीय दुकानदारों ने मैच के महत्व को देखते हुए मुख्य मार्ग के पास एक विशाल एलईडी स्क्रीन (Big Screen) की व्यवस्था की थी। मैच की पहली गेंद से ही यहाँ क्रिकेट प्रेमियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के छक्के बाउंड्री पार जा रहे थे, आश्रम के बाहर का पूरा इलाका ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंज उठा।
दुकानदारों और राहगीरों का साझा उत्साह
मैच के दौरान केवल स्थानीय व्यापारी ही नहीं, बल्कि गंगा स्नान के लिए आए श्रद्धालु और राहगीर भी अपनी मंजिल भूलकर स्क्रीन के सामने डट गए। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने यह स्क्रीन इसलिए लगाई ताकि काम के साथ-साथ हर कोई इस ऐतिहासिक पल का गवाह बन सके।
जैसे ही जसप्रीत बुमराह ने न्यूजीलैंड का आखिरी विकेट चटकाया, वहाँ मौजूद बड़ी संख्या में लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाई बांटकर जीत की बधाई दी। राहगीरों ने बताया कि बड़ी स्क्रीन पर सामूहिक रूप से मैच देखने का अनुभव किसी स्टेडियम में बैठने जैसा ही रोमांचक था।
आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान
जीत की आधिकारिक घोषणा होते ही जयराम आश्रम के बाहर जबरदस्त आतिशबाजी की गई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवा और बुजुर्ग सभी झूमते नजर आए। स्थानीय व्यापारियों ने इस मौके पर राहगीरों को मिठाई और फल वितरित कर अपनी खुशी साझा की।
धर्मनगरी में क्रिकेट और आस्था का यह अनूठा संगम आज चर्चा का विषय बना रहा, जहाँ हर किसी की जुबान पर बस एक ही बात थी— “विश्व विजेता भारत”।














