हरिद्वार, 20 अप्रैल: उत्तराखंड के कर्मचारियों ने एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली के लिए मोर्चा खोल दिया है। पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के गढ़वाल मंडल के पदाधिकारियों ने ऐलान किया है कि मंगलवार, 21 अप्रैल को अपनी मांगों के समर्थन में वे ज्वालापुर पुल जटवाड़ा से जिलाधिकारी कार्यालय रोशनाबाद तक एक विशाल बाइक रैली निकालेंगे।
बाजार के भरोसे नहीं रह सकते कर्मचारी: विकास कुमार शर्मा
प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए गढ़वाल मंडल अध्यक्ष विकास कुमार शर्मा ने सरकार की वर्तमान नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
- वर्ष 2004 में पुरानी पेंशन बंद होने के बाद लागू की गई न्यू पेंशन स्कीम (NPS) और 2023 की यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) पूरी तरह बाजार की अनिश्चितताओं पर टिकी हैं।
- इन योजनाओं से कर्मचारियों को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है, क्योंकि इनमें भविष्य की कोई निश्चितता नहीं है।
बुढ़ापे की लाठी है पुरानी पेंशन
जिला अध्यक्ष सुखदेव सैनी ने स्पष्ट किया कि पेंशन केवल एक आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद सम्मान से जीने का आधार है। उन्होंने कहा कि NPS और UPS में सामाजिक सुरक्षा और स्थिरता का अभाव है, जिसके कारण लाखों कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित महसूस हो रहा है।
अन्य राज्यों की तर्ज पर बहाली की मांग
प्रांतीय सचिव डॉ. शिवा अग्रवाल ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि पश्चिम बंगाल, केरल, हिमाचल और राजस्थान जैसे राज्य पुरानी पेंशन बहाल कर सकते हैं, तो उत्तराखंड में भी इसे लागू किया जाना चाहिए।
कल की रणनीति:
आंदोलनकारियों के अनुसार, कल 21 अप्रैल को होने वाली बाइक रैली के माध्यम से वे अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे और जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन प्रेषित करेंगे। इस दौरान दीपक चौहान, सदाशिव भास्कर, मनोज बरछीवाल और सुमित चौहान सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।












