हरिद्वार, 11 जुलाई 2025: श्री बालाजी धाम, सिद्धबलि हनुमान, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर महंत आलोक गिरी महाराज सावन के पवित्र माह में शिवभक्तों को नेपाल से लाई गई असली रुद्राक्ष की माला उपहार स्वरूप भेंट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना जाता है और इसे धारण करने से भक्तों के सभी दुख दूर होते हैं।
स्वामी आलोक गिरी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा से लेकर शिवरात्रि तक यह रुद्राक्ष माला का वितरण निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने रुद्राक्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसे धारण करने से आध्यात्मिक शांति, एकाग्रता, शारीरिक और मानसिक रोगों से लाभ मिलता है। यह नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है, मनोकामनाएं पूर्ण करता है और नौकरी-व्यवसाय में सफलता पाने में भी सहायक है। रुद्राक्ष ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम करता है और ज्ञान, शांति व समृद्धि प्रदान करता है।
महाराज ने रुद्राक्ष धारण करने के कुछ महत्वपूर्ण नियमों का भी उल्लेख किया, जैसे “ओम नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना, किसी और का पहना हुआ रुद्राक्ष न पहनना, रात को सोते समय इसे उतार देना और मांसाहार व मदिरापान वाले स्थान पर इसे न पहनना।
उन्होंने विशेष रूप से पंचमुखी रुद्राक्ष की महत्ता बताते हुए कहा कि यह आकस्मिक मृत्यु से सुरक्षा प्रदान करता है, ध्यान में सहायक होता है और पहनने वाले को नाम, प्रसिद्धि व मानसिक शांति प्रदान करता है। स्वामी आलोक गिरी ने जोर देकर कहा कि रुद्राक्ष एक शक्तिशाली रत्न है जो धार्मिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
2025-07-11














