मुख्यमंत्री धामी का देवभूमि रजत उत्सव में संबोधन
मुख्य बिंदु: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में ‘देवभूमि रजत उत्सव 2025’ में हिस्सा लिया। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया और हरिद्वार में चल रही 186 करोड़ की सीवरेज और 187 करोड़ की पेयजल परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के निर्माण की बात कही और कुंभ 2027 के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सचेत किया, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी दी।
सरदार पटेल जयंती: एकता मार्च और नशामुक्ति शपथ

मुख्य बिंदु: मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर ‘यूनिटी मार्च वॉकथॉन’ का शुभारंभ किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त उत्तराखंड की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि राज्यभर में 16 नवंबर तक वॉकथॉन आयोजित किए जा रहे हैं, जो नशा मुक्त भारत और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को भी जोड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे की तैयारियों की समीक्षा
मुख्य बिंदु: राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए, जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में बैठक की। उन्होंने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, वीआईपी मूवमेंट और अन्य व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की और सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय एकता दिवस: आत्मनिर्भरता और नशामुक्ति की शपथ

हरिद्वार में राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई गई। भेल के गांधी पार्क से एकता रैली निकाली गई। इस अवसर पर आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी अपनाने और नशामुक्त समाज निर्माण की शपथ दिलाई गई। जिलाधिकारी ने पटेल के आदर्शों पर चलकर सशक्त भारत निर्माण का आह्वान किया।
राष्ट्रपति के संभावित दौरे के लिए हरिद्वार में निरीक्षण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 02 नवंबर को पतंजलि योगपीठ विश्वविद्यालय के संभावित दौरे को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रोटोकॉल के पूर्ण अनुपालन और 01 जुलाई को संपूर्ण कार्यक्रम की रिहर्सल करने के निर्देश दिए।
मारपीट मामले में दोषी को कारावास और जुर्माना
मुख्य बिंदु: द्वितीय न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी आदेश शर्मा को मारपीट और छेड़छाड़ के प्रयास के मामले में दोषी पाते हुए 6 माह के कठोर कारावास और 1000 रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई। यह मामला 2018 का था।














